खराब नींद और मेंटल हेल्थ का अंतर्संबंध

0
607

खराब नींद आपके मानसिक स्वास्थ्य को बरबाद कर सकती है। यह बात कई शोध में साबित हो चुकी है। अगर आपका मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है तो आप यह बात जान लें कि आप कोई भी कार्य ढंग से नहीं कर पाएंगे। खराब नींद के कई मायने होते हैं और आखिर यह किस प्रकार आपके मानसिक स्वास्थ्य को डिस्टर्ब कर सकता है, आइए देखते हैं।

स्लीप एक जानी-मानी पत्रिका है और इसमें नींद पर एक शोध हुआ था। इस शोध में तकरीबन 165 लोग शामिल किए गए थे जिनकी उम्र 31 वर्ष तक थी। इसमें 52% पुरुष शामिल थे। खास बात यह है कि यह लोग 2010 में आए भूकंप की वजह से अपना घर खो चुके थे और उसके बिना जीवन बसर कर रहे थे। नींद की गड़बड़ी तीन लोगों में बड़े स्तर पर पाई गई और यह शोध किया न्यू यॉर्क यूनिवर्सिटी के जु़डिक ब्लैंक ने। जाहिर तौर पर परिणाम बेहद निराशाजनक थे।

इन लोगों में पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (पीटीएसडी) जैसे लक्षण पाए गए और कई लोगों में तो अवसाद और डिप्रेशन तक देखा गया था। निश्चित रूप से जो लोग सो नहीं पाते थे वह तनाव में रहते थे और यह बताने की आवश्यकता नहीं है कि तनाव, मानसिक-स्वास्थ्य से सीधा जुड़ा होता है। उपरोक्त शोध से यह भी निष्कर्ष निकाला गया कि अगर आपके सामने कोई बड़ी समस्या आई हो तो उसका असर लंबे समय तक रहता है और निश्चित रूप से ऐसे में नींद-संबंधी तमाम परेशानियां आपको हो सकती हैं।

Pic: healthline

इस शोध से इतर भी देखें तो नींद न आने से चिड़चिड़ापन होना सामान्य सी बात है। कई लोग कम नींद की वजह से इतने परेशान होते हैं कि उनको डॉक्टर तक को दिखाने की आवश्यकता पड़ जाती है। निश्चित रूप से अगर आप ऐसी किसी समस्या का सामना कर रहे हैं तो डॉक्टर से सलाह लेने में जरा भी कोताही नहीं करनी चाहिए।

हालांकि बेहतर यह है कि आप 6 से 8 घंटे की नींद प्रतिदिन अवश्य लें और उस दौरान आपके आसपास का माहौल शांत हो। यह ज्यादा आवश्यक है! कई बार क्या होता है कि 6 से 8 घंटे अब बेड पर लेटे जरूर होते हैं, लेकिन नींद आपकी आंखों से दूर होती है। वहीं कई बार ऐसे लोगों को भी देखते होंगे जो चार-पांच घंटे में ही अपनी नींद पूरी कर लेते हैं।

Pic: angrybirdsriogame

निश्चित रूप से यह एकाग्रता का प्रतिफल है। स्मार्टफोन युग में जिस प्रकार से लोगों के बिस्तर तक में यह घुस चुका है वह अपने आप में चिंता का विषय है। आज लोग दिन भर स्मार्टफोन से तो चिपके ही रहते हैं किंतु जब वह बिस्तर में जाते हैं तब भी वह घंटों तक टाइम पास करते हैं। इसे टाइमपास ही कहा जाएगा, हालांकि मनोरंजन के नाम पर थोड़ा टाइम बिताना और एक लंबे समय तक स्मार्टफोन से चिपके रहना इन दोनों में खासा फर्क है।

जाहिर तौर पर ऐसी स्थिति में आपको नींद कम आती है और आपको बेचैनी घेरी रहती है, जिसका परिणाम अंततः आपके मेंटल हेल्थ पर पड़ता है। इसके अतिरिक्त आप को वह सारे जतन करने चाहिए, जिससे आपकी नींद पूरी हो, ताकि आपका मानसिक स्वास्थ्य उत्तम बना रह सके।

Pic: sleepjunkies

इन उपायों में यह भी कहा जाता है कि सोने से पहले कम से कम 4 से 6 घंटे तक शराब नहीं पीना चाहिए, क्योंकि अल्कोहल की मात्रा आपकी नींद तुरंत तोड़ देती है। इसी प्रकार बिस्तर पर जाने से 4 से 6 घंटे पहले काफी, चाय, सोडा, चॉकलेट इत्यादि लेने से परहेज करें।

जाहिर तौर पर एक्सरसाइज करना जरूरी है लेकिन बिस्तर पर जाने से ठीक पहले ऐसा ना करें। बिस्तर आपका आरामदायक होना चाहिए और सोने से ठीक पहले गर्म दूध और केले लेने से आपको नींद अच्छी आती है। किंतु यह आवश्यक है कि अगर आप अपने मानसिक स्वास्थ्य को दुरुस्त रखना चाहते हैं तो किसी भी स्थिति में बेहतर नींद लेने का जतन करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here