डायबिटीज़: शरीर के किन अंगों के लिए ज्यादा खतरनाक

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मधुमेह के मरीजों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है। बदलते लाइफस्टाइल तथा उचित खान -पान के नहीं होने के कारण दुनियाभर में रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही हैं। जब खून में शुगर की मात्रा बढ़ने पर डायबिटीज (मधुमेह) होता है। डाइबिटीज के रोगियों में डायबिटीज का असर शरीर के विभिन्न हिस्सों पर भी पड़ता है। डायबिटीज दो प्रकार के होते है ।
टाइप -1 डायबिटीज और टाइप -2 डायबिटीज। दरअसल टाइप -2 डायबिटीज को ज्यादा खतरनाक माना जाता है। जिससे शरीर के कुछ अंगो की कार्यक्षमता प्रभावित हो जाती है। डायबिटीज पर ध्यान नहीं देने पर कई मरीजों की जान भी जा सकती है। आज हम इसी के बारे में बात करेंगे।

गुर्दे पर असर -डायबिटीज रोगियों में कई बार गुर्दे में परेशानियां हो जाती है। जिसके कारण गुर्दें काम करना बंद कर देता है। गुर्दे पर असर पड़ने से खून की कमी तथा हाई ब्लड प्रेशर आदि समस्याएं पैदा हो जाती है। ऐसे में मरीज को यूरीन टेस्ट करवाने के लिए कहा जाता है। टेस्ट के जरिए यूरीन में प्रोटीन व खून के रिसाव के बारे में पता किया जाता है। इसके अलावा अगर यूरीन में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है तो इससे किडनी फेल होने का खतरा रहता है।

Pic: endocrineweb

हृदय की बीमारियां- डायबिटीज के होने पर आपको अपनी खानपान को लेकर कई तरह की सावधानियां बरतनी होती हैं क्योकि इसमें ह्रदय रोग की संभावना बढ़ जाती है डायबिटीज के मरीज को रक्‍तचाप, मोटापा और उच्‍च कोलेस्‍ट्रोल होने का खतरा सामान्‍य लोगों से अधिक होता है। सीने में हो रहे हलके दर्द को नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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पैरों पर असर – डायबिटीज वाले व्यक्ति के ज्यादा पैरों की समस्या हो जाती है। पैरों के नसें क्षतिग्रस्त हो जाने पर अगर रोगी के पैर में चोट लगें तो इससे बुरा असर पड़ता है। यही नहीं इसमें खून का दौरा धीरे धीरे होने लगता है,जिससे पैर में लगी हुई चोट बहुत लंबे समय के बाद ठीक होने के साथ मरीज के पैरों में संक्रमण भी हो सकता है। कभी कभी तो यह बहुत बुरी तरह से फैल जाता है कि रोगी के पैर पूरी तरह से खराब हो जाते हैं। पैरों में दर्द, सूजन तथा जकड़न की शिकायत होने पर इसे हल्के में नहीं लें तुरंत डॉक्टर से संपंर्क करें।

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आंखो पर असर – डायबिटीज के मरीजों को अपने आंखो की नियमित रूप से जांच करनी चाहिए क्योंकि डायबिटीज में सफेद मोतियाबिन्द जैसी समस्या होने के चांस बढ़ जाता है। इसके साथ ही आंखो में तनाव तथा आंखों के पर्दे के कमजोरहोने के साथ ही धुंधला दिखना शुरु हो जाता है। कई बार तो डायबिटीज से अंधे होने की भी समस्या हो जाती है। आंखों की जांच के समय अपने डॉक्टर यह जरूर बताएं कि आप मधुमेह के शिकार हैं।
अगर खानपान में उचित परहेज किया जाये और नियमित डॉक्टर से परामर्श ले कर दवाईयों का सेवन किया जाये तो बहुत संभव है कि मधुमेह पर नियंत्रण किया जा सके।

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