बच्चों के दिमाग को तेज करने के घरेलू उपाय!

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आजकल की बदलती जीवनशैली का सबसे ज्यादा असर अगर किसी पर पड़ा है तो वो हैं बच्चे!

असंतुलित खानपान और असंयमित जीवनचर्या ने एक तरफ जहाँ बच्चों का स्वास्थ्य बिगाड़ा है तो दूसरी तरफ बच्चों के दिमाग पर भी ख़ासा असर पड़ा है। आपने अक्सर सुना होगा कि बच्चा पढ़ता तो है लेकिन उसे चीजें याद नहीं रहती हैं। सच कहा जाए तो बच्चों के शारीरिक विकास के लिए जिस प्रकार के संतुलित भोजन की जरुरत होती है उसी प्रकार से मानसिक विकास के लिए भी सही डाइट और दिमागी कसरत की आवश्यकता होती है।

आज हम कुछ घरेलू नुस्खें बताएँगे जिससे बच्चों का दिमाग तेज होगा तो उसकी याददाश्त भी बढ़ेगी।

बच्चों के दिमाग को विकसित और बुद्धिमान बनाने के लिए हमें उनके साथ छोटे -मोटे दिमागी खेल खेलना चाहिए। आजकल बाजार में अनेकों खिलौने भी आ रहे हैं, जिससे ब्रेन एक्टिव होता है। इसलिए उन्हें उम्र के मुताबिक माइंड गेम्स खेलने को दें तथा उनके साथ समय निकालकर आप भी खेलें।

बच्चों के साथ प्यार व दुलार से व्यवहार करें। शोधकर्ताओं के मुताबिक जो औरत अपने नवजात बच्चे के साथ अधिक प्यार और दुलार के साथ व्यवहार करती है उनके बच्चों के दिमाग के हिप्पोकेंपस एरिया में ज्यादा मात्रा में नर्व कोशिकाएं बनती हैं। इसी वजह से इन बच्चों का दिमाग तेज हो जाता है। माना जाता है कि जिन बच्चों को अपनी मां से लगाव होता है, उनके दिमागी विकास पर अत्यधिक प्रभाव पड़ता है।

Pic: fashionbhaskar

बच्चों के दिमाग के विकास के लिए संतुलित, पौष्टिक आहार देना बहुत महत्वपूर्ण है। आप बच्चों के मील में दूध, हरी सब्जियां, अंडे, फल और मेवे आदि अनेक खाद्य- पदार्थों को शामिल करें। बच्चों को प्र्त्येक दिन सुबह भीगे हुए 2 से 3 बादाम खाने को दें, बादाम खाने से याद्दाशत बढ़ती है। अपने बच्चों को बाहर का खाना जैसे फास्ट फ़ूड या जंक फूड कम से कम खिलाएं।

बच्चों को पोषक खाद्य -पदार्थों के अलावा उन्हें पर्याप्त नींद की जरूरत होती है। पर्याप्त नींद के कारण बच्चों की याददाश्त बढ़ती है। इसलिए कम से कम 1 घंटा दिन में भी सुलाने की कोशिश करें।

नवजात बच्चे के लिए मां के दूध को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। दूध से अच्छा कोई भी दूसरा आहार नहीं होता है। स्तनपान कराने से बच्चों को गंभीर बीमारियों होने की संभावना कम होती है तथा दिमागी विकास के लिए मां का दूध फायदेमंद होता है।

Pic: tarotgyan

आप अपने बच्चे को दूध में हल्दी का पाउडर मिलाकर पिला सकते हैं। हल्दी में कुरकुमीन रसायन की मात्रा पायी जाती है जो दिमाग को एक्टिव और स्वस्थ रखने के साथ कैंसर जैसे रोगों के इलाज में असरदार होती है।

बच्चों के भोजन में दही शामिल करें, किसी भी तरह के तनाव को दूर रखने में इससे फायदा होता है।
निःसंदेह ही इन घरेलू नुस्खों का आपके बच्चे के दिमाग पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

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