गर्मियों में बढ़ सकती हैं अस्थमा (दमा) की समस्या

0
198

वैसे तो अस्थमा ठंड के मौसम में ज्यादा होता है लेकिन गर्मीयो में गर्म हवाओं के साथ -साथ धूलकण और प्रदूषण ने अस्थमा रोगियों के लिए काफी मुशीबत वाला होता है। इस मौसम में कूलर तथा एसी का ज्यादा प्रयोग, आइसक्रीम,और कोल्ड ड्रिंक के ज्यादा इस्तेमाल से भी अस्थमा का प्रकोप बढ़ा सकता है। इसलिए इस मौसम में भी सावधानी बरतनी चाहिए।

Pic: panaceum


अस्थमा क्या है – अस्थमा फेफड़े की बीमारी है, जिसमें वायुमार्ग सिकुड़ जाता है, अस्थमा होने पर इन नलियों में सूजन आ जाती है और गले से काफी अधिक बलगम (कफ) निकलने लगता है। इस बीमारी की वजह से खांसी,गले में घरघराहट, सांस लेने में कठिनाई, बेचैनी महसूस होना, दम घुटने-सा अनुभव होना और दौरा पड़ने पर नलिकाएं बंद हो जाती हैं।अस्थमा के मरीज को अटैक पड़ने पर सांस लेने की दिक़्क़त होती है जो कि कभी कभी जानलेवा भी हो सकता है। आजकल यह बीमारी आम हो गई है अस्थमा मुख्य रूप से दूषित हवा के कारण तथा एलर्जी के बढ़ जाने पर होता है।

Pic: express

क्या है मुख्य वजह अस्थमा के
प्रदूषण और धूलकण – बदलते मौसम और हवाओं में बढ़ रहे प्रदूषण के चलते अस्थमा जैसी बीमारी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में धूल भरी हवाएं और हवा में उड़ते कण अस्थमा रोगियों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। इसे नियंत्रित न कर पाने की स्थिति में यह जानलेवा साबित हो सकता है। प्रदूषण के कारण बच्चों को अस्थमा होने की आशंका ज्यादा होती है तथा इस तरह के मौसम में अस्थमा रोगियों के साथ बहुत ही सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।और समय -समय पर उपचार व परहेज करने पर इसके असर को नियंत्रित कर सकते हैं।

बदलते मौसम के कारण – बदलता मौसम के कारण अस्थमा के मरीजों की तकलीफ बढ़ सकता है । कभी धूप और कभी बारिश की वजह से इंफेक्शन हो सकता है । डॉक्टर के अनुसार गर्मी के मौसम में अस्थमा रोगियों कि दिखातें भी बढ़ सकती हैं।

संक्रमण – गर्मी में प्रदूषण से व्यक्ति के गले व नाक में संक्रमण हो सकता है, जिससे अस्थमा मरीज को सांस लेने में दिक्कत होती है। और मरीज को बड़ी प्रॉबल्म भी हो सकती है।

सर्द -गर्म की समस्या – गर्मी हो या सर्दी दोनों मौसम में व्यक्ति अस्थमा के रोगों से ग्रस्त हो सकता है दरअसल,गर्मी के मौसम में जरा सी भी गर्मी लगने पर एयर कंडीशन या अन्य माध्यम से शरीर को ठंडा रखते है वहीं अस्थमा रोगी के शरीर का तापमान अचानक गर्म होना और अचानक ठंडा होने से सर्द -गर्म होने से शरीर में एलर्जी हो सकती है, जिससे अस्थमा अटैक की संभावना बढ़ सकती है।

Pic: asthma

ठंडी चीजों को खाना – बच्चें अधिकतर बाहर धूप से आने के बाद तुरंत ठंडा पानी आइसक्रीम, बर्फ के गोले व अन्य चीजें खा लेते हैं। गर्मी में ठंडी चीजों की वजह से बच्चों में खांसी, कफ व गले का इंफेक्शन ज्यादा हो जाती है सामान्य बच्चों की अपेक्षा अस्थमा मरीज को इंफेक्शन के कारण सांस लेने में दिक्कत होने लगती है और दिन में कई बार स्प्रे को यूज करना पड़ता है ।

अस्थमा (दमा) से बचाव-

  • अस्थमा के रोगियों को विशेषकर खाने -पीने में ध्यान देना चाहिए ।
  • तुरंत बाहर से आने के बाद ठंडी चीजों का सेवन न करें ।
  • बाहर निकलने से पहले मुंह पर कपड़ा जरूर बांधे।
  • गले में कफ, बलगम,गरगराहट की आवाज होने पर, सांस लेने में तकलीफ आदि विकार फेफड़े की
    क्रिया को प्रभावित करते हैं। ऐसी स्थिति के होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं ।
  • गर्मी में बच्चों को बचाएं।
  • अस्थमा की दवाई हमेशा अपने साथ रखें ।
  • इंफेक्शन होने पर डॉक्टर को दिखाएं ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here