गर्दन दर्द के कारण और उसके निवारण

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आमतौर देखा जाता है जो लोग घंटों बैठकर काम करते है उनको अधिकतर सर्वाइकल स्पेन्डिलाइसिस की संभावना हो सकती है । गर्दन में दर्द का कारण स्वास्थ्य संबंधित पुरानी चोट, गलत तरीके से बैठना, लेटकर टीवी देखना, देर तक बिस्तर में लेटना तथा तकिये का इस्तेमाल ज्यादा ऊँची या नीची करना के वजह से भी हो सकती है ।सर्वाइकल स्पेन्डिलाइसिस में आपकी गर्दन के साथ रीढ़ की हड्डी भी प्रभावित होती है।

Pic: medicalnewstoday

गर्दन दर्द के लक्षण
जब आप के गर्दन में दर्द होता हैतो उसके कुछ लक्षण इस प्रकार के हो सकते हैं।

  • गर्दन को छूने पर दर्द महसूस होना
  • खाना निगलते समय दर्द होना या कठिनाई होना
  • तेज गर्दन दर्द से चक्कर आना, तथा उल्टी जैसा होना
  • लसिका ग्रन्थि में सूजन आना
  • गर्दन का सुन्न होना
  • तेज बुखार आना
    गर्दन दर्द का समस्या गर्दन के नसों के दबने के वजह से होती है । अगर यह दर्द एक सप्ताह से ऊपर हो तो इसे अनदेखा न करें और तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें ।

गर्दन दर्द होने के कारण

गर्दन दर्द निम्नलिखित कारणों से होता है जो इस प्रकार है

Pic: yaasa

  • गर्दन दर्द का सामान्य कारण जैसे – बिस्तर पर बैठकर पढ़ने से, स्टीयरिंग के ऊपर झुककर कई घंटो तक गाड़ी चलाने से भी गर्दन में दर्द हो सकती है। हालाँकि अधिकतर दर्द मांसपेशियों के खिचाव के कारण होता है ।
  • बढ़ती उम्र के हिसाब से शरीर के अन्य जोड़ों की जैसे ही गर्दन की जोड़ भी घिस जाते है । इसी के कारण गर्दन में अनेक समस्या उत्पन्न हो जाती है ।
  • गर्दन की हड्डी या डिस्क कई बार अधिक जगह घेर लेती है । इसी वजह से गर्दन दर्द शुरू होता है ।
  • गर्दन पर चोट लगने की वजह से गर्दन दर्द हो सकता है
  • यह दर्द रोग की वजह से होता है, जैसे – रुमेटी गठिया तथा रुमेटाइड अर्थराइटिस, दिमागी बुखार या कैंसर की आदि। इसलिए गर्दन दर्द के रोकथाम के लिए व्यायाम अति आवश्यक है ।

Pic: activehealthcentre

आइए जानते है दर्द का समाधान कैसे करें
जी हां अगर आपको गर्दन दर्द की शिकायत हैं तो इसका समाधान करने के लिए आपके पास अनेक प्रकार के तरीके है जैसे : दर्द के स्थान पर मसाज करना तथा बर्फ को लगाना परन्तु इस दर्द से बचाव के लिए आप घर हो या दप्तर में सबसे पहले अपना पोस्चर सही बनाएं रखें । यदि आप का काम दिनभर कुर्सी पर बैठकर करना है तो सीधा बैठें तथा आराम से दोनों पैरों को जमीन पर रखकर कंधों को रिलेक्श दें । मांसपेशियों को आराम देने के लिए अलग -अलग पोजिशन में बैठे । यदि आप कम्प्यूटर के सामनें बैठकर काम करते हो तो अपना वर्क स्टेशन ठीक ढंग से रखें । तथा मानीटर का टाप आखों के सामने रखें । अपने जीवनशैली मैं तनाव तथा डिप्रेशन से बचें। ज्यादा देर तक टेलीफोन पर बातों न करें हो सके इसके जगह हैड या स्पीकर फोन का उपयोग कर सकते है ।इसके अलावा

Pic: activehealthcentre

  • मोबाइल फोन को कंधें के सहारा लेतें हुए बातें न करें
  • सोतें समय गर्दन को टेडी न करें
  • तकिये का इस्तेमाल सही तरीके से करें
  • तकिया न ज्यादा ऊँचा हो न ज्यादा नीचे होना चाहिए
  • अगर आप बेड पर पढ़तें हो तो ध्यान दीजिए कि अपना पोस्चर सही रहें
  • अपनी किताबों को किसी ऐसे स्थान पर रखें जिससे किताब को आसानी से पकड़कर तथा गर्दन को टेडी न करनी पड़ें
  • कार की सीट को अपराइट तरीके से रखें
  • हमेशा तनकर खडें हो तथा पीठ को सीधी रखें
  • धुम्रपान से बचें
  • संतुलित आहार लें
  • सुबह -सुबह टहलने से भी गर्दन दर्द में राहत मिलती है इसलिए हमेशा मोर्निग वाक,व्यायाम आदि करें । ऐसे करने पर गर्दन दर्द से छुटकारा मिल सकता है ।
  • गर्दन दर्द अर्थराइटिस या इन्फेक्सन के वजह से भी हो सकता है इस स्थिति में अच्छी थैरेपी के लिए डाक्टर से उचित सलाह लें
    अधिकतर लोगों में गर्दन दर्द होने का आम समस्या गलत पोजिशन को ही दर्शाया है इसलिए आप अपने स्वस्थ जीवनशैली में गर्दन दर्द से बचने के लिए इस समस्या का हल कर सकतें है ।

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