जानें थायराइड के कारण और बचाव

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आजकल थाइराइड आम बात हो गई है। लोगों के बिजी लाइफस्टाइल और असंतुलित भोजन की वजह से थायराइड के मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। थायराइड का लक्षण बहुत देर बाद पता चलता है इसलिए कुछ लोग थायराइड को साइलेंट किलर भी कहते हैं। थायराइड गले में एक तरह की ग्रंथि का नाम है। यह साँस नली के पास स्थित होता है तथा इसकी बनावट एक तितली जैसी होती है। यह ग्रंथि व्यक्ति के शरीर में मेटाबॉल्जिम को नियंत्रित करने में सहायता करती हैं यानी कि जो भोजन हम ग्रहण करते है,उसे ऊर्जा में बदलने मदद करती है। थायराइड हमारे शरीर में मांसपेशियों, हृदय, हड्डियों व कोलेस्ट्रोल को भी प्रभावित करनें के साथ ही साथ वजन का बढना तथा हार्मोन असंतुलित होने का भी कारण बनता है। थायराइड की वजह से हमारे शरीर में कई प्रकार की समस्याएँ और अनेक रोग उत्पन्न हो जाते हैं। यह बीमारी पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक होती है आइए जानते है थाइराइड के कुछ लक्षण तथा कारण

थायराइड के कुछ प्रारम्भिक लक्षण इस प्रकार है

थायराइड होने से गले में दर्द,खाना निगलते समय कठिनाइयां का अनुभव होता है। थायराइड की वजह से पेट में कब्ज, खाना पचने में समस्या या लेट में पचना । थाइराइड की समस्या हो जाने पर व्यक्ति के हाथ पैर हमेशा ठंडे होते है। मरीज की प्रतिरोधक क्षमता यानीकि इम्यून सिस्टम कमजोर होने के साथ कई बीमारी घेर लेती है। इस तरह के व्यक्ति जरा सा भी काम के करने में ज्यादा थकान महसूस करते हैं तथा इनका शरीर सुस्त रहता और आलस्य भी बहुत होता है। थायराइड से ग्रस्त मरीजों के त्वचा में रूखापन आ जाता है। थायराइड के वजह से किसी भी व्यक्ति को यदि जुकाम हो जाता है,वह जुकाम नार्मल व्यक्तियों की अपेक्षा लम्बे समय तक रहता है ।

ऐसे व्यक्ति जिसे थायराइड है वह हमेशा तनाव में यानी कि डिप्रेशन में रहते है, ऐसे लोगों की सोचने की क्षमता भी कम हो जाती है, उनका किसी काम में मन नहीं लगता तथा उनकी याद्दाश्त भी कमजोर हो जाती है।
थायराइड होने पर व्यक्ति के बाल झड़ जाते है तथा गंजापन होना साथ ही भौहों के बाल भी झड़ जाते हैं।कमजोरी का होना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द जैसी समस्या भी थायराइड के लक्षण हैं। थायराइड आनुवंशिक रोग भी होता है, यदि आप के परिवार में किसी भी सदस्य को थाइराइड है तो आपको भी होने की संभावना रहती है ।



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थायराइड के कारण

खाने में आयोडीन की कमी होने के कारण थायराइड नोड्यूल बढ़ने की समस्या हो जाती है।

ज्यादातर दवाइयों का सेवन करने के कारण उनके साइड इफैक्ट से थायराइड की समस्या हो सकती है।



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अत्यधिक तनाव, टेंशन लेने से इसका असर भी थायराइड ग्रंथि पर पड़ती है ।

गर्भावस्था(प्रेग्नंसी ) के समय स्त्री का तनाव ग्रस्त होने के कारण भी थायराइड की समस्या बढ़ सकती हैं।

प्रदूषण के कारण हवा में घुले जहरीले कण थायरोइड ग्रंथि को भी हांनि पहुंचा सकते है।

अगर आपको ग्रेव्स रोग है तो आपके थायराइड बढ़ने के चांसेज बढ़ जाते है चूकि ग्रेव्स एक आनुवंशिक रोग है इसलिए यह थायराइड को भी प्रभावित करता है यह रोग 20 से 40 वर्ष की महिलाओं को अपनी गिरफ्त में लेता है ।



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थायराइड से बचाव
1 – नियनित रूप से फाइवर, कम वसा वाले भोजन अपने आहार में लें जिससे आपका वजन एवं शरीर स्वस्थ रहेगा।
2 – निरंतर बैठे मत रहें कुछ न कुछ शारीरिक गतिविधि करते रहना चाहिए।
3 – डिप्रेशन या तनाव में न रहें।
4 – सुबह जल्दी उठें, मॉर्निग वॉक, व्यायाम, योग आदि का प्रयास करें। थायराइड किसी भी व्यक्ति को किसी भी उम्र में हो सकती हैं इसे नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। तथा उपरोक्त कोई भी समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें ।

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