क्या है हाइपरटेंशन और कितना जानते हैं आप इसके बारे में?

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हाइपरटेंशन नाम सुनकर कई लोगों को ऐसा लगेगा कि यह कोई साधारण सी बीमारी होगी या कोई तनाव का दूसरा रूप होगा। किंतु आप को इस लेख से पहले ही बता दें कि हाइपरटेंशन के रोगियों में हार्ट अटैक का खतरा सबसे ज्यादा होता है। सिर्फ इसी से आप इसकी गंभीरता का अंदाजा लगा सकते हैं! वास्तव में हाइपरटेंशन होता कैसे है और इससे बचाव के क्या कारण हो सकते हैं और इसके लक्षण क्या होते हैं, आइए देखते हैं।

सच कहा जाए तो हाइपरटेंशन के पीछे सबसे बड़ा कारण होता है अनियंत्रित खानपान और तनाव। निश्चित रूप से यह किसी भी व्यक्ति में हो सकता है और इसके पीछे कोई भी कारण हो सकता है। हाइपरटेंशन में मैक्सिमम हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होती है जिससे आप की नसों में रक्त का दबाव बढ़ जाता है। इसकी वजह से दिल की धड़कन तेज होने लगती हैं। जाहिर तौर पर इसका सबसे ज्यादा नुकसान आपके हृदय पर होता है।

Pic: medicalxpress

वास्तव में हाइपरटेंशन के कई कारण हो सकते हैं जिसमें कम नींद लेना, अत्यधिक गुस्सा करते रहना, नॉनवेज खाते रहना, ज्यादा ऑइली खाना और मोटापा इत्यादि शामिल हैं। पर एक बार जब आपको हाइपरटेंशन की प्रॉब्लम शुरू हो जाती है तो फिर यह घटने की बजाय बढ़ने ही लगती है।

हाइपरटेंशन के लक्षणों की बात करें तो सबसे बड़ा लक्षण है कि इस के पेशेंट को सांस लेने में तकलीफ होती है और इसके अतिरिक्त पेशेंट के सिर के पीछे और गर्दन में काफी दर्द रहने लगता है। यह सब शुरुआती लक्षण हैं, किन्तु जैसे जैसे समय निकलता है, वैसे वैसे मरीज को धुंधला दिखने लगता है, साथ ही पेशाब के साथ खून तक निकलने लगता है।

Pic: healthline

इसी तरह आगे लक्षणों की बात की जाए तो थकान और सुस्ती के साथ सिर चकराना इसमें आम बात है। निश्चित रूप से रात में नींद ना आने की समस्या भी होने लगती है और इसी वजह से दिल की धड़कनें भी बढ़ जाती हैं।

Pic:webmd

हाइपरटेंशन से बचने के लिए आपको अपनी जीवनशैली नियमित करने की जरूरत पड़ती है। इसी के साथ अगर आप अपनी लाइफ स्टाइल में योग और प्राणायाम को शामिल करते हैं, आयली खाना कम करते हैं और पर्याप्त नींद लेते हैं तो निश्चित रूप से आपको इसमें मदद मिल सकती है। लेकिन जैसे-जैसे समस्या बढ़ती है तो आप डॉक्टर से सलाह लेने में कतई परहेज न करें।

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